घेंजा पार्टी……..जहां बिखरती है पर्वतीय व्यंजनों की महक
उदंकार न्यूज
देहरादून। घेंजा पार्टी, सुनने में आपको कुछ अजीब सा लगेगा, लेकिन है ये एक खास आयोजन। ऐसा आयोजन, जिसका उद्देश्य उत्तराखंड के पर्वतीय व्यंजनों के प्रोत्साहन और उन्हें मजबूत रोजगारपरक स्थिति में लाने से जुड़ा है। इस आयोजन में पर्वतीय व्यंजनों की प्रदर्शनी का सिलसिला छह वर्ष पहले शुरू हुआ है। हर वर्ष यह खाद्य प्रदर्शनी लगती है और उससे जुड़ी प्रतियोगिता आयोजित की जाती है। इस बार पांच अप्रैल को देहरादून में यह घेंजा पार्टी आयोजित की जा रही है।
सबसे पहले घेंजा को जानते हैं, जिसके नाम पर यह पार्टी आयोजित की जाती है। घेंजा उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल क्षेत्र का पारंपरिक और पौष्टिक व्यंजन हैै। गेंहू, चावल, मक्का और झंगोरे के मिश्रित आटे से इसे तैयार किया जाता है और नींबू के पत्ते में लपेेटकर भाप में पकाया जाता है।
जनमानस में घेंजा व्यंजन की अहमियत इस बात से भी पता चलती है कि टिहरी गढ़वाल क्षेत्र में घेंजा उत्सव मनाया जाता है। अप्रैल 2020 से घेंजा पार्टी का सिलसिला भी शुरू हो गया है। इसमें हर वर्ष खाद्य प्रदर्शनी लगाई जाती है और इससे जुड़ी प्रतियोगिता के विजयी प्रतिभागियों को संकल्प श्री सम्मान दिया जाता है।
सामाजिक संस्था रूरल एंड एडवांसमेंट आॅफ लर्निंग (रील) ने इस आयोेजन को शुरू किया है। पर्वतीय व्यंजनों को लेकर अभियान चला रहे कपिल डोभाल के अनुसार-अप्रैल माह में हम अनाज दिवस मनाते हुए घेंजा पार्टी आयोजित करते हैं। स्वर्गीय पत्रकार एल मोहन कोठियाल के साथ इसकी शुरूआत 2020 में की गई। उद्ेश्य ये ही है कि पर्वतीय व्यंजनों को प्रोत्साहन मिले और वह रोजगारपरक बनने की दिशा में आगे बढ़ें।
इस आयोजन के अंतर्गत पांच अप्रैल को घेंजा पार्टी में करीब एक दर्जन पहाड़ी व्यंजनों की प्रदर्शनी लगाई जा रही है। बूढ़ दादी द मिलेट कैफे में सोशल मीडिया के तमाम क्रिएटर्स को आमंत्रित किया गया है। रील बनाने की प्रतियोगिता भी रखी गई है, जिसके विजेताओं को संकल्प श्रीसम्मान दिया जाएगा।