लोक संस्कृति

गीत-गजल की त्रिवेणी में आनंद की डुबकी, मदन डुकलान की गजलों के बहाने गढ़वाली साहित्य पर विमर्श

विपिन बनियाल-सचमुच, यह गीत-गजल की त्रिवेणी का सा अहसास था। कई-कई धाराएं आकर मिलीं और एकाकार हो गईं। माहौल ऐसा...

‘सुणा जी . . .लठ्याली हे मेरी घस्यारी’, बडोनी दंपति की ‘घस्यारी ‘ संग चलिए एक संगीतमय सफर पर

विपिन बनियाल -परिणिता-सुनील बडोनी ने टिहरी में आज से 27 वर्ष पहले एक सपना देखा। 'घस्यारी' का सपना। पहाड़ के...

‘कण्वाश्रम–भरत से भारतवर्ष’ पुस्तक को राष्ट्रीय स्तर पर मिला प्रथम पुरस्कार

उदंकार न्यूजकोटद्वार / देहरादून । विधानसभा अध्यक्ष उत्तराखंड एवं विधायक कोटद्वार ऋतु खण्डूडी भूषण तथा वरिष्ठ पत्रकार एवं लेखक मनोज...

ढोली . . .जीत का उल्लास, गंभीर विमर्श और बहुत सारी बातें

विपिन बनियाल -दून लाइब्रेरी में यह मौका खास था। नेशनल अवार्ड विजेता उत्तराखंडी गढ़वाली फिल्म ढोली की लगभग पूरी कास्ट...

‘ढोली’ की कामयाबी के बीच ‘जग्वाल’ की याद

विपिन बनियाल-उत्तराखंडी गढ़वाली फिल्म 'ढोली ' की सफलता अभूतपूर्व है। राष्ट्रीय पुरस्कार, वो भी किसी गढ़वाली फिल्म को। सचमुच, कमाल...

शुरू से था ‘ढोली’ की आंखों में राष्ट्रीय पुरस्कार का सपना, मोहित घिल्ड़ियाल ने खोले फिल्म की सफलता के राज

-उत्तराखंडी गढ़वाली फिल्म ढोली ने जीता राष्ट्रीय पुरस्कार-43 वर्ष के सिनेमाई इतिहास में मिला है गर्व का अवसर-रिलीज होने से...

पहाड़ी लोक की गरिमा के साथ, भीना-स्याली के रिश्ते की बात

विपिन बनियाल -भीना-स्याली यानी जीजा साली। पहाड़ में जीजा को भीना कहा जाता है। स्याली यानी साली। जमाना चाहे कोई...

जानिए ! स्वर्गीय जीत सिंह नेगी को क्यों पसंद नहीं था फिल्म में संगीत देना

विपिन बनियाल -यह करीब 40 साल पुरानी बात होगी। घरजवैं की कामयाबी से उत्साहित विशेश्वर दत्त नौटियाल ने एक और...

नारी विमर्श के आलोक में प्रभावित करती ‘दुर्पदा की लाज’

विपिन बनियाल-नारी विमर्श पुरातन विषय है। रामायण, महाभारत काल से लेकर वर्तमान दौर तक नारी विमर्श के आलोक में बस...