भारत का संविधान नागरिकों के लिए सुरक्षा दीवार : न्यायमूर्ति यूसी ध्यानी
उदंकार न्यूज
देहरादून । दून विश्वविद्यालय मे आयोजित संविधान दिवस के मौके पर मुख्य अतिथि उत्तराखंड पब्लिक सर्विसेस ट्रिब्यूनल के अध्यक्ष न्यायमूर्ति यू सी ध्यानी ने कहा कि हमारा संविधान सबसे अच्छा है और न्याय व्यवस्था नागरिकों के लिए सुरक्षा दीवार है ।
उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान विश्व का सबसे बड़ा लिखित है, जिसे संविधान निर्माताओं द्वारा बड़े लंबे अध्ययन और लगन से बनाया गया, यह आज ही के दिन 26 नवंबर 1949 को तैयार कर 26 जनवरी 1950 के दिन स्वीकार किया गया था। इसलिए 26 नवंबर को संविधान दिवस के रूप में मनाया जाता है l
उन्होंने संविधान के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डालते huyeu कई रोचक प्रसंगों से कानूनी पेंचों को आसान भाषा में समझाया l न्यायमूर्ति ध्यानी ने संविधान के अनुच्छेदों का जिक्र करते हुए देश के फेडरल ढांचे की व्याख्या करते हुए समझाया कि यह हमें विविधता से एकता के सूत्र मे बांधे रखता है । कार्यक्रम मे डॉ.राजेश कुमार, विभागाध्यक्ष एवं डीन मास कम्युनिकेशन ने कहा कि भारतीय संविधान केवल एक डाक्यूमेंट नही वरन यह एक जीवंत दस्तावेज है । उन्होंन संविधान में दिए गए अधिकारों और कर्तव्यों की विस्तार से व्याख्या की तथा जोर देकर कहा कि हमें अपने अधिकारों के प्रति सजग रहना चाहिए क्योंकि कर्तव्यों के प्रति निष्ठा हमारी व्यवस्था के सुचार संचालन में सहायक होगी। प्रोफेसर एच सी.पुरोहित, अधिष्ठाता छात्र कल्याण ने बाबा साहब भीम राव अंबेडकर के समर्पण एवं अध्ययन को याद करते हुए बताया कि बडे़ लंबे एवम गहन अध्ययन के उपरांत विश्व का सबसे बड़ा व्यापक संविधान बनकर तैयार हुआ जिसकी ड्राफ्टिंग कमेटी के अध्यक्ष बाबा साहब अंबेडकर खुद थे जिन्होंने इस दस्तावेज को बनाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। संविधान दिवस के उपलक्ष में उन्होंने छात्रों से आह्वान किया कि वह अपना अध्ययन व्यापक रखें तभी भविष्य मे आने वाली चुनौतियां का मुकाबला कर सकेंगे।
कार्यक्रम में अतिथियों का स्वागत दून विश्वविद्यालय के कुलसचिव दुर्गेश डिमरी ने पुष्पगुच्छ से न्यायमूर्ति यू.सी. ध्यानी का स्वागत कर किया। इस वर्ष के संविधान दिवस की थीम के अनुरूप ‘मेरा संविधान मेरा स्वाभिमान’ कार्यक्रम अम्बेडकर चेयर और सामाजिक विज्ञान संकाय के संयुक्त तत्वाधान मे आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के विभिन्न स्कूलों से प्राध्यापकों एवं विद्यार्थियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का संचालन मानवविज्ञान विभाग के डॉक्टर मानवेंद्र बर्तवाल एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉक्टर सौम्यता पांडे ने किया। कार्यक्रम मे डॉ विजय श्रीधर , डॉ अचलेश देवरी एसएनआर, दिव्यांजलि बिजल्वाण डॉ. हिमानी शर्मा, डॉ चारू द्विवेदी, डॉ सरिता सिंह, एम एन चमोली, डी सी पुरोहित देवयानी लूथरा, स्मिता रावत, दिशा त्रिपाठी, अनुष्का रावत, महक असवाल, बिदुषी कपरवाण, आदित्य निवाल, सुधांशु चौहान,एलेक्स हिंवाल, सागर सिंह और सरिता जुयाल समेत अनेक लोगों ने भाग लिया।