लोक संस्कृति

‘ना त्यार, ना म्यार’-शेरदा अनपढ़ को विनम्र श्रद्धांजलि, कालजयी रचना पर दीवान-अजय की बेजोड़ जुगलबंदी

विपिन बनियाल-जीवन दर्शन पर शेर दा अनपढ़ की कालजयी रचना है-ना त्यार, ना म्यार। यानी ना तेरा, ना मेरा। जीवन...

लोक संगीत के रंग: पहाड़ के गीतों में प्रभावी ढंग से हैं जीवन के मूलमंत्र

उदंकार न्यूज-सांस छिन आस/औलाद तुम्हारी हमारी/डाली झम झमले/ना काटा/यूं न तुम्हारू क्या कार/बिचारी डाली झम। (हमारी सांस, हमारी संतान जैसे...

हीरा है सदा केे लिए, पहाड़ के गीतों की चमक यूं ही बिखरती रहेगी हमेशा-हमेशा

-राणा जी के गीतों पर अजय ढौंडियाल के भगीरथ प्रयास-पांडवाज के साथ मिलकर गीतों को ला रहे सामने हैउदंकार न्यूज-हीरा...

सुषमा श्रेष्ठ पूर्णिमाः ऐसी खनकती आवाज, जिसका दीवाना है पहाड़

-नेगीदा ने सबसे ज्यादा किया है इस आवाज का इस्तेमाल-पहाड़ी मूूल का होना सहज और प्राकृतिक होने की वजहउदंकार न्यूज-सुषमा...

डा. राकेश भट्ट को राष्ट्रपति के हाथों मिला संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार

-लोक रंगमच और संगीत के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मान-बहुआयामी प्रतिभा के धनी है दून विश्वविद्यालय में कार्यरत...

डा.राकेश भट्ट को पांच मार्च को मिलेगा संगीत नाटक अकादमी राष्ट्रीय पुरस्कार

-लोक संगीत-रंगमंच में उत्कृष्ट कार्य के लिए राष्ट्रपति देंगी सम्मान-पांच मार्च 2024 को दिल्ली में आयोजित किया जाएगा कार्यक्रमउदंकार न्यूज-लोक...

नेगीदा की नए जमाने के गायकों पर दो टूक राय-कंठ सुंदर, कन्टेंट कमजोर है

-नए गायकों ने अपने लिए विषय भी बहुत सीमित रखे हुए हैंः नेगीदा-नेगी के गीतों का सबसे मजबूत पक्ष उसका...