विभागों के ढांचागत विकास को धामी सरकार ने लिए अहम फैसले, एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स में सृजित होंगे 22 पद
उदंकार न्यूज
देहरादून। मादक पदार्थो की तस्करी और उससे संबंधित मामलों की रोकथाम के लिए अब एंटी नारकोटिक्स फोर्स को और मजबूती से काम करेगी। राज्य सरकार ने इस फोर्स के ढांचे को मजबूत बनाने के लिए मुख्यालय स्तर पर 22 पदों के सृजन का निर्णय लिया है। सरकार ने वन विभाग के 589 दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को भी 18 हजार रूपये न्यूनतम वेतन देने का निर्णय लिया है। इसके अलावा, राज्य कर्मचारी बीमा योजना (ईएसआई) के ढांचे को विस्तारित करने का फैसला किया गया है। सरकार ने कोविड-19 के दौरान पारित पेमेंट ऑफ बोनस एक्ट को वापस लेने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिमंडल की बैठक में कुल छह निर्णय लिए गए। मीडिया सेंटर में सचिव सूचना शैलेश बगौली ने निर्णयों की जानकारी दी।
तेज होगी ड्रग फ्री उत्तराखंड की मुहिम
-राज्य मंत्रिमंडल के निर्णय के बाद उत्तराखंड में ड्रग फ्री मुहिम और तेज होगी। अभी तक एंटी नारकोटिक्स टॉस्क फोर्स में पुलिस फोर्स से प्रतिनियुक्ति पर कार्मिक लिए जा रहे थे। टॉस्क फोर्स का गठन 2022 में किया गया था। अब इस फोर्स के लिए अलग से ढांचा खड़ा करने की शुरूआत हुई है। इस क्रम में राज्य मुख्यालय में पहली बार 22 पदों का सृजन किया गया है। एक पुलिस उपाधीक्षक, दो ड्रग निरीक्षक, एक निरीक्षक, दो उपनिरीक्षक, चार मुख्य आरक्षी और आठ आरक्षी, दो आरक्षी चालक समेत कुल 22 पद सृजित किए जाएंगे।
वन विभाग के दैनिक श्रमिकों के लिए खुशखबरी
-राज्य मंत्रिमंडल ने वन विभाग में कार्यरत दैनिक श्रमिकों को न्यूनतम वेतनमान दिए जाने का निर्णय लिया है। इस संबंध में मंत्रिमंडलीय उप-समिति ने सरकार को संस्तुति दी थी। इस आधार पर सरकार ने 589 दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को न्यूनतम 18 हजार रूपये वेतन देने का निर्णय लिया है। वन विभागध्वन विकास निगम में कार्यरत दैनिक श्रमिकों की कुल संख्या 893 है, जिसमें से 304 श्रमिकों को पूर्व से ही न्यूनतम वेतनमान का लाभ प्राप्त हो रहा है।
ईएसआई के ढांचे का पुनर्गठन, बढे़ पद
-राज्य मंत्रिमंडल ने कर्मचारी राज्य बीमा योजना (ईएसआई) के अंतर्गत चिकित्सा सेवा संवर्ग के चिकित्सा अधिकारियों और उच्चतर पदों की सेवा-शर्तों के निर्धारण के संबंध में भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इस क्रम में उत्तराखण्ड कर्मचारी राज्य बीमा योजना, श्रम चिकित्सा सेवा नियमावली, 2026” को प्रख्यापित किया गया है, जिसके तहत कुल 94 पद होगें। इनमें 76 चिकित्सा अधिकारी, 11 सहायक निदेशक, छह संयुक्त निदेशक और एक अपर निदेशक का पद शामिल है। इससे पहले, ईएसआई के ढांचे में एक सीएमओ और 13 चिकित्सा अधिकारी के पद शामिल थे।
वापस होगा पेमेंट ऑफ बोनस बिल
-राज्य मंत्रिमंडल ने पेमेंट ऑफ बोनस बिल को वापस लेने का निर्णय लिया है। वैश्विक महामारी कोविड-19 के दौरान उद्योगों को राहत प्रदान किए जाने के उद्देश्य से बोनस संदाय (उत्तराखण्ड संशोधन) विधेयक, 2020 पारित किया गया था। इसमें यह प्रावधान किया गया था कि नियोजक के पास आवंटनीय अधिशेष उपलब्ध होने की स्थिति में ही कर्मचारियों को न्यूनतम बोनस का भुगतान किया जाएगा। वर्तमान परिस्थितियो के देखते हुए राज्य मंत्रिमंडल ने इस विधेयक को वापस लेने का निर्णय लिया है।
-मुख्यमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना की कार्यान्वयन अवधि वित्तीय वर्ष 2025-26 तक विस्तारित किए जाने के संबंध में भी राज्य मंत्रिमंडल ने निर्णय लिया है। खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा केंद्र प्रायोजित योजना प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना की कार्यान्वयन अवधि को एक वर्ष के लिए 31 मार्च 2026 (वित्तीय वर्ष 2025-26) तक बढ़ाया गया है। इस क्रम में राज्य सेक्टर के अंतर्गत संचालित मुख्यमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना की कार्यान्वयन अवधि को भी वित्तीय वर्ष 2025-26 (दिनांक 31 मार्च 2026) तक विस्तारित करने का निर्णय लिया गया है। साथ ही यह भी निर्णय लिया गया है कि भविष्य में यदि भारत सरकार के स्तर पर इस योजना की अवधि विस्तारित होती है, तो राज्य में भी इसे विस्तारित माना जाएगा।
आदतन अपराधी की परिभाषा पर हुआ निर्णय
-राज्य मंत्रिमंडल ने उत्तराखंड कारागार और सुधारात्मक सेवाएं (संशोधन) अधिनियम, 2026 के प्रारूपण के संबंध में भी निर्णय लिया है। माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों में यह निर्देशित किया गया है कि कारागार नियमावलियों ध्मॉडल प्रिजन मैनुअल में प्रयुक्त “आदतन अपराधी शब्द की परिभाषा संबंधित राज्य विधानमंडलों द्वारा अधिनियमित कानूनों के अनुरूप होनी चाहिए। संशोधन विधेयक को आगामी सत्र में माननीय उत्तराखंड विधान सभा के समक्ष पुनः स्थापित किए जाने की राज्य मंत्रिमंडल ने अनुमोदन प्रदान कर दिया है।