छोटे शहर की लड़की क्यों ना देखे बड़े सपने : उर्वशी रौतेला

0

विपिन बनियाल

-उर्वशी रौतेला, उन लड़कियों के लिए मिसाल हो सकती हैं, जो छोटे शहरों में रहकर बडे़ सपने देखती हैं। कोटद्वार जैसे छोटे शहर से निकलकर बॉलीवुड तक का सफर आसान नहीं था, लेकिन उर्वशी ने बड़ा सपना देखा और उसे पूरा भी किया। यही वजह है कि उर्वशी पूरी दमदारी से एक बात कहती हैं- ‘छोटे शहर की लड़कियां आखिर क्यों ना बड़ा सपना देखें। वह सपना देख भी सकती हैं और उसे पूरा भी कर सकती हैं।’
बहुत छोटी उम्र में उर्वशी रौतेला ने एक गढ़वाली फिल्म ‘यखी च स्वर्ग’ में एक छोटी सी भूमिका निभायी थी। विमल उनियाल की इस फिल्म में उर्वशी का एक डायलॉग था- ‘आप मिथे आशीर्वाद दयावा, कि मैं पूरी दुनिया मा अपणु नाम रोशन कर सकूूं ‘ (आप मुझे आशीर्वाद दीजिए, कि मै पूरी दुनिया में अपना नाम रोशन कर सकूं।) इस फिल्म का किरदार उर्वशी रौतेला के जेहन में आज भी ताजा है। देहरादून में एक खास बातचीत में उर्वशी रौतेला ने इस फिल्म के अपने किरदार को याद किया। एक सवाल के जवाब में उर्वशी रौतेला ने कहा-‘किसी अच्छी सी उत्तराखंडी फिल्म में काम करने का भविष्य में अवसर मिले, तो मुझे बेहद खुशी होगी। इसे आप मेरी चाहत समझ लीजिए।’
उर्वशी रौतेला बॉलीवुड में कितनी सफल हैं, इस पर लोगों की अलग-अलग राय हो सकती हैं। मगर वह बॉलीवुड से जुड़ी एक सेलिब्रिटी हैं, यह सच्चाई है। अपनी सफलता को उर्वशी खुलकर जी रही हैं। बकौल, उर्वशी रौतेला- ‘एक छोेटे से शहर कोटद्वार से मैं जब निकलीं, तो स्थितियां आसान नहीं थीं, लेकिन ईश्वर का आशीर्वाद और लोगों का सहयोग मिला, तो बात बन गई।’ उर्वशी कहती हैं- ‘लोगों का जो प्यार मिला, उसकी कीमत कभी नहीं चुकाई जा सकतीं। आज जिस भी मुकाम में लोग मुझे देखते हैं, उसके लिए मैं उत्तराखंड और देश-दुनिया के अपने तमाम प्रशंसकों का जितना भी आभार प्रकट कर लूं, वह कम ही होगा।’
देश-विदेश से जुडे़ अपने कई प्रोजेक्ट्स की वजह से उर्वशी रौतेला खासी व्यस्त हैं। इसके बावजूद, उत्तराखंड आने का वह कोई मौका नहीं चूकती हैं। बकौल, उर्वशी- ‘मैं उत्तराखंड से हूं, तो स्वाभाविक सी बात है कि मुझे यहां बार-बार आना अच्छा लगता है।’ उर्वशी इस बात से भी बेहद खुश हैं कि उत्तराखंड में फिल्मों की शूटिंग का सिलसिला तेज हुआ है। वह कहती हैं -‘यहां के प्राकृतिक नजारें शूटिंग के लिहाज से परफेक्ट हैं। सुविधाएं भी बढ़ रही हैं, तो देश-दुनिया के लोग अब और भी ज्यादा यहां आ रहे हैं। यह उत्तराखंड के लिए बहुत अच्छी स्थिति है।’
एक सवाल के जवाब में उर्वशी रौतेला ने स्वीकार किया कि धुरधंर जैसी फिल्मों ने बॉलीवुड फिल्मों में एक नए ट्रेंड को सेट कर दिया है। जहां फिल्मों की लंबाई सिमटती जा रही थी, वहीं फिल्म का ट्रीटमेंट बेहतर होने पर दर्शक अब चार घंटे तक भी हॉल में बैठ सकते हैं। उर्वशी के अपकमिंग प्रोजेक्ट के बारे में पूछने पर उन्होंने सिर्फ इतना कहा- ‘कई प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है। जल्द ही वे सामने आएंगे।’

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *