सिल्वर स्क्रीन के लिए ही बनी है उर्वशी’, पहली बार उर्वशी को फिल्मी पर्दे पर लाने वाले विमल उनियाल का नजरिया
विपिन बनियाल
-गढ़वाली फिल्म ‘यखी च स्वर्ग’ के जरियेे उर्वशी को पहली बार फिल्मी पर्दे पर विमल उनियाल लाए। वह इस फिल्म के निर्माता-निर्देशक थे। उनियाल बताते हैं- ‘जब वह यह फिल्म बना रहे थे, तब उर्वशी आठवीं या नौवीं कक्षा में रही होगी। स्कूल की बस से उतरते वक्त अक्सर वह उर्वशी को देखा करते थे। उर्वशी अन्य बच्चों से एकदम अलग लगती थी।’ उनियाल कहते हैं- ‘मुझे शुरू से ही यह अहसास था कि यह बच्चा सिल्वर स्क्रीन के लिए बना है। उर्वशी से एक दिन मैने पूछा-बेटा क्या तुम मेरी फिल्म में काम करोगी। इस पर उर्वशी ने हां तो कहा, लेकिन एक्टिंग न आने की बात भी कही। उनियाल के अनुसार-उन्होंने तब उर्वशी से कहा था कि एक्टिंग कराने की जिम्मेदारी मेरी है। इसके बाद, उर्वशी केे माता-पिता से भी संपर्क हुआ और वह फिल्म का हिस्सा बन गईं।’
बकौल, विमल उनियाल- ‘मेरी फिल्म में उर्वशी ने एक छोटी सी भूमिका की है, लेकिन मेरी हार्दिक इच्छा थी कि उसके सुंदर सफर में मेरी फिल्म का यह रोल मील का पत्थर साबित हो।’
उनियाल कहते हैं-‘गैर फिल्मी पृष्ठभूमि होने के बावजूद उर्वशी रौतेला ने बॉलीवुड में अपनी पहचान बनाई है। ऐसा करना आसान नहीं होता है।’ अपनी बात के साथ वह यह भी जोड़ते हैं- उर्वशी को लेकर मेरी अपेक्षाएं बहुत ज्यादा रही हैं। हालांकि आज की तारीख में वह सेलिब्रिटी है। उसने उत्तराखंड और कोटद्वार के नाम को आगे बढ़ाया है।