हर्ष, उल्लास . . . उत्तराखंड में खेलों का त्योहार, खेल महाकुंभ में उभर रहीं प्रतिभाएं, आदि कैलाश परिक्रमा रन की तैयारी तेज
उदंकार न्यूज
देहरादून । यह महीना त्यौहारों का है। शारदीय नवरात्र से लेकर दीपावली तक त्यौहारों की रंगत बिखरनी है, लेकिन उत्तराखंड में खेलों के त्यौहार कई दिन पहले से ही मनाया जा रहा है। एक सितंबर से आयोजित खेल महाकुंभ से पूरे प्रदेश में खेलों के त्यौहार जैसा ही माहौल बना है । इसका चरम अब राज्य स्तरीय प्रतियोगिता मुख्यमंत्री चैंपियनशिप ट्रॉफी के रूप में देखा जा रहा है। इसके बाद, तैयारी साहसिक खेलों के एक महत्वपूर्ण इवेंट की भी है, जिसे नाम दिया गया है-आदि कैलाश परिक्रमा रन 2 .0 और एमटीबी चैलेंज। इसका आगाज 24 अक्टूबर से होना है, जिसमें उच्चशिखरीय क्षेत्र में प्रतिभागियों की जीवटता की परीक्षा होगी।
खेल महाकुंभ, प्रतिभाओं को निखारने का सशक्त मंच
-खेल महाकुंभ-2026 की शुरूआत एक सितंबर से हुई है, जो कि 30 अक्टूबर तक आयोजित किया जाना है। कई चरणों में आयोजित इस खेल के महोत्सव में दूरदराज के गांवों की प्रतिभाओं को भी एक ऐसा प्लेटफार्म उपलब्ध कराया जा रहा है, जहां से वह देश-दुनिया में जीत का परचम लहराने के लिए निकल सकते हैं। युवा कल्याण विभाग के स्तर पर यह संपूर्ण आयोजन मुख्यमंत्री चैंपियनशिप ट्राॅफी के अंतर्गत किया जा रहा है। इस आयोजन में सबसे पहले न्याय पंचायत स्तर पर प्रतियोगिताएं हुईं। इसके बाद, विधानसभा क्षेत्र स्तर पर स्पर्धाएं हुईं और विधायक चैंपियनशिप ट्रॉफी प्रदान की गईं। इसके बाद, खेल का स्तर बढ़ा और संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत स्पर्धाओं का आयोजन किया गया। इसमें विजेताओं को सांसद चैंपियनशिप ट्रॉफी मिली।
पूरे प्रदेश में खेल गतिविधियां संचालित होने के बाद वर्तमान में इसका सबसे महत्वपूर्ण चरण चल रहा है। यह चरण राज्य स्तरीय है। देहरादून में राज्य स्तरीय ये प्रतियोगिताएं आयोजित की जा रही है। इसमें विजेताओं को मुख्यमंत्री चैंपियनशिप ट्रॉफ़ी दी जानी है। जूडो, बाॅक्सिंग, टेबल टेनिस, ताइक्वांडो, बास्केटबाॅल, हाॅकी, तैराकी, तीरंदाजी, कुश्ती सहित कई खेलों के मुकाले आयोजित किए जा रहे हैं।
आदि कैलाश परिक्रमा 2 .0, शक्ति परखने का अवसर
-आदि कैलाश परिक्रमा 2 .0 और एमटीबी चैलेंज का आगाज 24 अक्टूबर से होने जा रहा है। पिथौरागढ़ की व्यास घाटी में प्रतिभागी अपना दम खम परखने के इम्तिहान में शामिल होंगे और 26 अक्टूबर तक कठिन परीक्षा से गुजरेंगे। साहसिक खेलों के संबंध में यह उत्तराखंड की बेहद महत्वपूर्ण इवेंट है, जो अपने आप में अनूठी और बेहद चुनौतीपूर्ण भी है। उच्च शिखरीय क्षेत्र में इस तरह के आयोजन की पहली बार शुरूआत पिछले वर्ष हुई थी। उत्तराखंड राज्य की स्थापना की रजत जयंती वर्ष में शुरू की गई इस तरह की प्रतियोगिता से साहसिक खेलों को बढ़ावा मिला है। साथ ही, दूरदराज के क्षेत्रों तक इस तरह की गतिविधियां बढ़ने का हर लिहाज से फायदा हुआ है।
उत्तराखंड पर्यटन विभाग के स्तर पर यह आयोजन किया जा रहा है। इस आयोजन में 70 किलोमीटर की अल्ट्रा रन, 42 किलोमीटर हाॅफ मैराथन के साथ ही दस व पांच किलोमीटर की अलग-अलग दौड़ भी शामिल रहेंगी। संभावना प्रकट की जा रही है कि देशभर से एक हजार से ज्यादा प्रतिभागी इस इवेंट का हिस्सा बनेंगे।
-राज्य सरकार उत्तराखंड को खेलभूमि बनाने के लिए अपने संपूर्ण प्रयास कर रही है। राष्ट्रीय खेलों के भव्य आयोजन के बाद देवभूमि उत्तराखंड खेल भूमि बनने की ओर तेजी से अग्रसर हुई है। हमारे यहां के खिलाड़ी बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे हैं। राज्य सरकार उनके मजबूत सहयोगी के तौर पर हमेशा उनके साथ खड़ी है। खेल विकास के लिए सरकार ने महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। खेेल विकास का क्रम रूकने नहीं दिया जाएगा-पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री