दीपिका कुमारी, आर्चरी से भेदतीं है लक्ष्य, जीतती हैं दिल
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विपिन बनियाल
-दीपिका कुमारी भारत की शान हैं। भारतीय महिला तीरंदाजी का ऐसा चमकता हुआ सितारा, जिसने इस मुकाम तक पहुंचनेे के लिए बेहिसाब संघर्ष किया है। दीपिका कुमारी की अगुवाई में इस बार भारतीय महिला रिकर्व टीम ने तीरंदाजी विश्व कप-2026 स्पर्धा में स्वर्ण पदक अपने नाम किया है। कई वजह से यह जीत खास है। एक तो यह फाइनल मैच कतई आसान नहीं था। दोतरफा जबरदस्त संघर्ष हुआ। दूसरा, भारत ने फाइनल में उस मजबूत चीन को हराया है, जो कि अपने घर शंघाई में यह टूर्नामेंट खेल रहा था। इसकेे अलावा, भारतीय टीम के साथ पूर्णकालिक कोच भी नहीं था। वर्ष 2021 के बाद महिला रिकर्व टीम स्पर्धा में भारत ने यह पहला स्वर्ण पदक जीता है।
एक जानकारी के अनुसार, वर्ष 2010 से लेकर अभी तक दीपिका कुमारी के पास सात विश्व कप टीम स्वर्ण पदक हो चुके हैं। यह उपलब्धि बहुत बड़ी है। करीब डेढ़ वर्ष पहले उत्तराखंड में आयोजित 38 वें राष्ट्रीय खेेलों के दौरान दीपिका कुमारी से देहरादून में मुलाकात हुई थी। एक महान खिलाड़ी के सारे लक्षण दीपिका कुमारी में दिखाई दिए। सरल, सहज और सिर्फ अपने लक्ष्य पर केंद्रित। लक्ष्य सेन, जिन्हें मैं बहुत पसंद करता हूं, अपने गृह राज्य में आयोजित राष्ट्रीय खेलों में शरीक नहीं हुए थे। बहुत बुरा लगा था। इस आयोजन में उनकी अनुपस्थिति के कारण जो भी रहे हों, लेकिन कहीं न कहीं यह माना गया कि अपने हिसाब से अपेक्षाकृत छोटे टूर्नामेंट में वह नहीं खेलना चाहते थे। हालांकि मेरा मानना है कि खिलाड़ी के लिए सिर्फ मुकाबला महत्वपूर्ण होना चाहिए। जैसा कि उस वक्त दीपिका कुमारी ने किया। वह राष्ट्रीय खेेलों में शामिल हुईं। जमकर खेला और अपनी प्रतिष्ठा के अनुरूप प्रदर्शन किया। भारत ने दीपिका कुमारी के नेतृत्व में विश्व कप जीता है। हार्दिक शुभकामनाएं। सैल्यूट।