विद लव, आपकी सैयारा : जिंदगी . . .नेटवर्ट से जुड़ा सबक असल में जी गईं जूही

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विपिन बनियाल

-जूही बब्बर सोनी के चर्चित नाटक ‘विद लव, आपकी सैयारा ‘ के कई सबक हैं। एक सबक जिंदगी औैर मोबाइल के नेटवर्क से जुड़ा है। इसका सार ये ही है कि मोबाइल के नेटवर्क की तरह जिंदगी का प्रवाह भी कभी-कभी बाधित होता है। मगर चीजों के दोबारा शुरू होने का इंतजार जरूरी है। जिंदगी फिर उस गति से ही चलती है, जिस गति से नेटवर्क रिकनेक्ट होने पर मोबाइल।
देहरादून के स्टेज पर अपने चर्चित नाटक के मंचन के दौरान सैयारा का यह सबक जूही बब्बर सोनी ने न सिर्फ दिया, बल्कि जिया भी। दरअसल, नाटक के मंचन के दौरान कुछ एक मौके ऐसे आए, जबकि तकनीकी या अन्य व्यवधान ने उनका तारतम्य बिगाड़ दिया। जूही स्टेज छोड़कर चली गईं। फिर स्टेज पर लौटीं, तो उसी जगह और प्रभाव से नाटक को शुरू किया, जहां पर वह उसे छोड़कर गई थीं। जूही ने साबित किया, कि उनकी अदाकारी को यूं ही उत्कृष्ट नहीं कहा जाता। मां नादिरा जहीर बब्बर और पिता राज बब्बर से अभिनय की जिन बारीकियों को उन्होंने सीखा है, वह देहरादून के स्टेज पर जमकर निखरकर सामने आईं।

जूही बब्बर सोनी को उनके जिन चुनिंदा नाटकों ने सबसे ज्यादा शोहरत दिलाई है, उसमें विद लव, आपकी सैयारा प्रमुख रूप से शामिल है। इसकी परिकल्पना नादिरा बब्बर की है, जबकि इसे लिखा और निर्देशित जूही ने खुद किया है। इस नाटक की मुख्य किरदार सैयारा भी जूही बब्बर सोनी ही है। देश-विदेश में इस नाटक के 130 से ज्यादा शो किए जा चुके हैं। एक आजाद ख्याल महिला सैयारा के पात्र को सामने रखते हुए महिला सशक्तीकरण की जिस आवाज को जूही इस नाटक में बुलंद करती है, वह कमाल का है। कहीं-कहीं लगता है, कि यह कहानी, यह नाटक पुरूषों के कतई खिलाफ है। हालांकि नाटक के आखिर में सैयारा इसका जोरदार खंडन भी करती है।

सैयारा की कहानी का लब्बोलुआब क्या है। यदि ये पूछा जाए, तो कहना होगा कि यह महिलाओं को लेकर समाज, खास तौैर पर पुरूषों के दकियानूूसी विचार औैर व्यवहार दोनों को जोरदार तरीके से खारिज करती हैं। नाटक की कहानी ऐसी है, कि यह दर्शकों को कभी गुदगुदाती है, कभी झकझोर देती है। सैयारा के किरदार को स्टेज पर जीवंत करते हुए जूही बब्बर सोनी तो गजब ही ढा देती हैं। डेढ़ घंटे इस नाटक में पूरी एक कहानी चलती है और इस कहानी के साथ पिन ड्राप साइलेंस के साथ चलते हैं दर्शक। कभी हैरान तो कभी विचारशील होकर। कभी हल्के-फुल्के पलों का आनंद भी लेते हैं दर्शक। कहानी कहते-कहते जूही बब्बर सोनी जिस तरह से दर्शकों से सीधे कनेक्ट होती हैं, उसका तो कहना ही क्या। महिला विमर्श करते हुए नाटक ये ही संदेश देता है कि बेटियों को आगे बढ़ाओ, उन्हें दकियानूसी बातों में मत जकड़ों, उनकी जिंदगी को रूकने मत दो। उसे खुलकर जीने दो।
जूही बब्बर सोनी की इस खास प्रस्तुति के लिए देहरादून में स्टेज सजाया था संस्कृति विभाग ने। दून विश्वविद्यालय का रंगमंच विभाग इसमें सहयोगी बना। नाटक को प्यार करने वाले हर वर्ग की इसमें मौजूदगी रही। जूही बब्बर सोनी की प्रस्तुति से बेहद प्रभावित कार्यक्रम की मुख्य अतिथि प्रो सुरेखा डंगवाल ने जूही एंड टीम को एक बार फिर से देहरादूून आनेे का न्यौता दिया है। दून विश्वविद्यालय केे रंगमंच को समर्पित विशेष कार्यक्रम में आनेे वाले दिनों में जूही एंड पार्टी फिर से देहरादूून में नमूदार होगी और कहेगी – ‘विद लव, आपकी सैयारा ‘।

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