दिल्ली बुलाए गए हरदा, यात्रा रोकने का दबाव, लेकिन वह मानने को नहीं तैयार
उदंकार न्यूज
देहरादून । उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस पार्टी के भीतर गुटबाजी और अनुशासनहीनता की खाई और चौड़ी हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री व वरिष्ठ नेता हरीश रावत द्वारा बिना संगठन की पूर्व अनुमति के शुरू की गई ‘धन्यवाद एवं जनसंवाद यात्रा’ को लेकर कांग्रेस का केंद्रीय नेतृत्व बेहद नाराज है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने मामले में हस्तक्षेप करते हुए हरीश रावत को तुरंत दिल्ली तलब किया है।
इससे पूर्व, उत्तराखंड कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी महासचिव कुमारी शैलजा ने औपचारिक पत्र जारी कर हरीश रावत को इस यात्रा को तत्काल प्रभाव से स्थगित करने की हिदायत दी थी। प्रभारी ने पत्र में स्पष्ट लिखा था कि चुनाव से पहले बिना प्रादेशिक संगठन (PCC) की सहमति के कोई भी ‘समानांतर कार्यक्रम’ या व्यक्तिगत यात्रा चलाना पार्टी हित में नहीं है और इससे जनता के बीच बिखराव का गलत संदेश जाता है।
केंद्रीय नेतृत्व की आपत्ति और नोटिस के बावजूद, 78 वर्षीय हरीश रावत अपने रुख पर कायम हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपना आक्रामक रुख साफ करते हुए लिखा कि राज्य के स्वाभिमान और कांग्रेस की वापसी का संकल्प मजबूत है तथा ‘धन्यवाद एवं जनसंवाद यात्रा’ अब रुकने वाली नहीं है। वे कुमाऊं क्षेत्र के जसपुर, रामनगर, काशीपुर और हल्द्वानी में पूर्व निर्धारित दौरों पर निकल चुके हैं।