‘पायर ‘ में दीवान दा, ‘घस्यारी’ में शशि जोशी को ट्रिब्यूट !
विपिन बनियाल
-‘पायर’ फिल्म सफलता का नया अध्याय लिख रही है। इस फिल्म की किस खूबी पर बात करें, समझ नहीं आता। एक और खूबी है, जिसकी चर्चा नहीं है। फिल्म ने पहाड़ के महान लोक गायक दीवान कनवाल को ट्रिब्यूट दी है। इसी वर्ष मार्च माह में दीवान दा का निधन हुआ है। इस क्रम में ‘पायर’ से पहले रिलीज हुई बडोनी दंपत्ति की ‘घस्यारी ‘ फिल्म का जिक्र करना भी जरूरी है। अपने दिवंगत लोक कलाकारों को याद करने की अच्छी परंपरा का इस फिल्म ने भी निर्वहन किया है। ‘घस्यारी’ ने दिवंगत लोक गायिका शशि जोशी को ट्रिब्यूट दी है। बेहद प्रतिभाशाली शशि जोशी 20 वर्ष पहले दुर्भाग्यपूर्ण परिस्थितियों का शिकार होकर दुनिया को अलविदा कह गई थीं।
पहले बात, दीवान दा की। दीवान दो को प्यार करने वाले लोग पायर फिल्म के जरिये उन्हें दी गई श्रद्धांजलि से आह्लादित हैं। सब जानते हैं कि कुमाऊंनी की पहली फिल्म ‘मेघा आ’ के गानों से खास पहचान बनाने वाले दीवान दा लोक संगीत के कितने बेहतरीन कलाकार थे। ‘मेघा आ ‘ के टाइटल सांग को उन्होंने जिस खूबसूरती से गाया था, उसकी मिसाल कम मिलती है। इसी फिल्म के अन्य गानों में भी दीवान दा की आवाज का जादू सर चढ़कर बोलता है। उम्रदराज होने के बावजूद बाद के वर्षों में उन्होंने ऊर्जावान रहकर अपनी संगीत यात्रा को जारी रखा । उ इसकी भी मिसाल कम मिलती है। डाॅ अजय ढौंडियाल के साथ मिलकर उन्होंने अजय दीवान की जोड़ी बनाई और एक से बढ़कर एक हिट गाने दिए। ‘पायर ‘ के जरिये दीवान दा का नाम देश-दुनिया तक पहुंच रहा है, यह बात मन को संतोष देने वाली है।
‘घस्यारी ‘में परिणीता बडोनी-सुनील बडोनी ने भी इसी तरह की अच्छी परंपरा को आगे बढ़ाया है। बडोनी दंपत्ति ने तो एक कदम और आगे बढ़कर मिसाल पेश की है। ‘घस्यारी’ के रिलीज होने से पहले उन्होंने ट्रेलर लांचिंग के कार्यक्रम में शशि जोशी के परिजनों को आमंत्रित कर उनका सम्मान किया । फिल्म की शुरूआत में शशि जोशी को श्रद्धांजलि दी गई है।
शशि जोशी उत्तराखंड लोक संगीत का एक ऐसा सितारा रहीं, जो अपनी पूरी चमक बिखेरने से पहले ही अस्त हो गया। शशि जोशी ने नेगीदा के साथ कई हिट दिए थे। ‘घस्यारी ‘ फिल्म में बडोनी दंपत्ति ने उन्हें पार्श्व गायन का अवसर दिया था। करीब 25 वर्ष पहले टी-सीरीज में इस फिल्म के गाने रिकार्ड करा लिए गए थे। फिल्म में नेगीदा के साथ उन्होंने सुपरहिट गीत ‘ऐजा-ऐजा ‘ गाया है। इसी तरह, संतोष खेतवाल के साथ ‘तेरी मुखड़ी ‘ गाने में आवाज दी। अनुराधा निराला व संतोष खेतवाल के साथ उन्होंने बाजूबंद ‘आस काटी घास ‘ को खूबसूरत तरीके से गाया। ‘घस्यारी ‘ ने अपनी गायिका को याद रखा और श्रद्धांजलि दी, यह प्रेरणादायी और हृदयस्पर्शी बात है।
