भाजपा : नितिन नवीन ने सुबह तीसरी बार सरकार गठन की संभावना टटोली, शाम को की गंगा आरती
उदंकार न्यूज
देहरादून । भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने शुक्रवार को प्रदेश पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ अलग अलग बैठक कर पार्टी संगठन की स्थिति और तीसरी बार प्रदेश में सरकार गठन की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। शाम को उन्होंने ऋषिकेश पहुंचकर गंगा आरती में भाग लिया ।
ऋषिकेश स्थित परमार्थ निकेतन में गंगा आरती में सीएम पुष्कर सिंह धामी और प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट के साथ शामिल होकर उन्होंने मां गंगा से देश एवं प्रदेशवासियों के सुख, शांति, समृद्धि एवं उत्तम स्वास्थ्य की कामना की।
परमार्थ निकेतन घाट पर आयोजित गंगा आरती के दौरान श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास का अद्भुत वातावरण देखने को मिला। वेद मंत्रों, भजन-कीर्तन और दीपों की अलौकिक छटा के बीच मुख्यमंत्री एवं भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने मां गंगा की आराधना कर प्रदेश की उन्नति, जनकल्याण एवं विश्व शांति के लिए प्रार्थना की।
इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने उपस्थित संत-महात्माओं, श्रद्धालुओं एवं जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि मां गंगा के पावन तट पर आना सदैव आत्मीय एवं आध्यात्मिक अनुभूति प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि गंगा केवल एक नदी नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, आस्था और सनातन परंपरा की जीवंत धारा है, जिसने सदियों से देश की आध्यात्मिक चेतना को पोषित किया है।
उन्होंने कहा कि भारत की संत परंपरा ने हर कठिन और विपरीत परिस्थिति में समाज को दिशा देने का कार्य किया है। जब-जब देश सामाजिक, सांस्कृतिक या वैचारिक चुनौतियों से गुजरा, तब संतों और ऋषियों ने अपने तप, त्याग और ज्ञान के माध्यम से समाज को नई ऊर्जा एवं मार्गदर्शन प्रदान किया।
परमार्थ निकेतन के स्वामी चिदानंद मुनि ने मुख्यमंत्री एवं अतिथियों का स्वागत करते हुए गंगा संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन एवं मानव सेवा के संदेश पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत वैश्विक स्तर पर निरंतर नयी ऊंचाइयों को प्राप्त कर रहा है तथा राष्ट्रहित में लिए गए निर्णयों से देश की प्रतिष्ठा विश्वभर में बढ़ी है। उन्होंने उत्तराखण्ड को दिव्यता, संयम और संगम की धरती बताते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कार्यों की सराहना की। उन्होंने गंगा एवं भारतीय संस्कृति के वैश्विक महत्व को रेखांकित किया।